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 दोस्तों इस पोस्ट में आप जानेंगे कि टॉलरेंस क्या है और यह कितने प्रकार का होता है?

टॉलरेंस क्या है? tolerance in hindi

Engineering tolerance is the permissible variation in measurements deriving from the base measurement.

इंजीनियरिंग टॉलरेंस किसी भी माप अथवा मेज़रमेंट का वो माप है जिसे मुख्य माप के अलावा भी अनुमति कर दिया जाता है.
किसी job या पार्ट्स के बेसिक माप के ऊपर दी गई अधिकतम लिमिट और न्यूनतम लिमिट के अंतर को टॉलरेंस कहा जाता है. उदाहरण के लिए माना एक पार्ट है जिसकी मोटाई 5 mm है और उसका ड्राइंग में टॉलरेंस +1mm/-1mm दिया गया है जिसका मतलब यह है की अगर इस पार्ट की मोटाई 6 mm या फिर 4 mm होगी तो इस पार्ट को ओके माना जायेगा.

टॉलरेंस के प्रकार

टॉलरेंस मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं-
1. लिमिट टॉलरेंस 
2. युनिलेटरल टॉलरेंस 
3. बायलेटरल टॉलरेंस

लिमिट टॉलरेंस 

Limit dimensions are two dimensional values stacked on top of each other. The dimensions show the largest and smallest values allowed. Anything in between these values is acceptable.

लिमिट डायमेंशन में दो डायमेंशन एक दुसरे के ऊपर नीचे होती है और डायमेंशन बड़ी और छोटी वैल्यू को दर्शाता है जो वैल्यूज उस माप के लिए allowed हैं और इन दोनों वैल्यूज के बीच की सभी वैल्यूज acceptable हैं.

टॉलरेंस क्या है

युनिलेटरल टॉलरेंस

A unilateral tolerance exists when a target dimension is given along with a tolerance that allows variation to occur in only one direction.

unilateral टॉलरेंस तब कहा जाता है जब टारगेट माप के साथ जो टॉलरेंस दी गई है वह केवल एक ही दिशा में वेरिएशन को अनुमति देता है.

उनिलेतारल टॉलरेंस

बायलेटरल टॉलरेंस

A bilateral tolerance exists if the variation from a target dimension is shown occurring in both the positive and negative directions.
bilateral टॉलरेंस तब कहा जाता है जब टारगेट माप पॉजिटिव और नेगेटिव दोना दिशाओं में जा सकता है.





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